नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां देशभर में भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना में लीन हैं, वहीं आध्यात्मिक गुरु गुलचैन वर्मा ने इस दौरान किए जाने वाले कुछ जरूरी नियमों और सावधानियों को लेकर अहम जानकारी साझा की है।
नवरात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि शक्ति, साधना और आत्म-शुद्धि का पवित्र समय होता है। इस दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों की परीक्षा भी लेती हैं और सच्ची भक्ति करने वालों पर अपनी कृपा भी बरसाती हैं।
नवरात्रि के 9 दिनों में मन, वाणी और कर्म की शुद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इस अवधि में की गई छोटी-सी गलती भी साधना, भाग्य और ऊर्जा पर गहरा असर डाल सकती है।
नवरात्रि में क्या करें
•प्रतिदिन स्नान कर मां दुर्गा का स्मरण करें
•“ॐ दुं दुर्गाय नमः” मंत्र का जाप करें
•सात्विक भोजन और व्रत का पालन करें
•घर में दीपक जलाकर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें
•कन्या पूजन और दान-पुण्य करें
नवरात्रि में क्या न करें
•मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें
•क्रोध, झगड़ा और कटु वाणी से दूर रहें
•व्रत को दिखावा या ट्रेंड न बनाएं
•अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मक सोच से बचें
•पूजा में लापरवाही या अनियमितता न करें
नवरात्रि हमें बाहरी नहीं बल्कि अंदरूनी शक्ति को जागृत करना सिखाती है। जब साधना सच्चे मन से की जाती है, तो मां दुर्गा हर बाधा को शक्ति में बदल देती हैं।